Half Yearly Assessment - September 2026 Class 11th History solution

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अर्धवार्षिक परीक्षा सितंबर 2026

कक्षा: 11वीं

विषय: इतिहास (History)

पूर्णांक: 40

समय: 90 मिनट

खंड - क (Section - A): वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Type Questions) (प्रत्येक प्रश्न 1 अंक)

प्रश्न 1. निम्न में से कौन-सा मेसोपोटामिया का एक प्रसिद्ध नगर था?
उत्तर: (b) व्यापारिक नगर

प्रश्न 2. मेसोपोटामिया की सबसे प्राचीन सभ्यता किसकी थी?
उत्तर: (b) सुमेरियन

प्रश्न 3. रोमन साम्राज्य में 'पैक्स रोमाना' का अर्थ क्या है?
उत्तर: (c) शांति और समृद्धि का युग

प्रश्न 4. 'सॉलिडस' क्या था?
उत्तर: (a) कॉन्स्टैन्टाइन द्वारा चलाया गया सोने का सिक्का

प्रश्न 5. मंगोल साम्राज्य की डाक एवं संचार व्यवस्था को क्या कहा जाता था?
उत्तर: याम (Yam)

प्रश्न 6. मेसोपोटामिया के चन्द्र देवता का नाम क्या था?
उत्तर: सिन (Sin)

प्रश्न 7. मंगोल खानाबदोशों के चलित तम्बू को क्या कहा जाता था?
उत्तर: यर्ट (Yurt)

प्रश्न 8. रोमन साम्राज्य में उपयोग किए जाने वाले बड़े मिट्टी के घड़ों को क्या कहा जाता था?
उत्तर: एम्फोरा (Amphorae)

प्रश्न 9. चंगेज खान का प्रारम्भिक नाम क्या था?
उत्तर: तेमूजिन (Temujin)

प्रश्न 10. अभिकथन (A) और कारण (R) पढ़कर सही विकल्प चुनिए।

  • कथन (A): मंगोल खानाबदोश थे और उन्होंने कभी कोई स्थायी कृषि या स्थायी शहरों का निर्माण नहीं किया।
  • कारण (R): मध्य एशिया के स्टेपी क्षेत्र की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियाँ कृषि के अनुकूल नहीं थीं।
  • सही विकल्प: (a) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या करता है।

    खंड - ख (Section - B): लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Type Questions) (प्रत्येक प्रश्न 3 अंक)

    प्रश्न 11. मेसोपोटामिया की सभ्यता में मोहरों के महत्व और उनकी कलात्मक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।

    उत्तर:

    • कलात्मक विशेषता: मेसोपोटामिया में बेलनाकार (Cylindrical) पत्थर की मोहरें बनाई जाती थीं, जिनके बीच में छेद होता था। इन पर सुंदर आकृतियाँ (जैसे - राजा, पशु, या धार्मिक दृश्य) और कीलाकार लिपि उकेरी जाती थी।
    • उपयोग और महत्व: गीली मिट्टी की पट्टिका या सामान के थैलों के मुहाने पर लगी मिट्टी पर इसे लुढ़काकर छाप छोड़ी जाती थी।
    • प्रमाणिकता का प्रतीक: यह छाप भेजने वाले की पहचान, अधिकार तथा वस्तु की प्रामाणिकता और सुरक्षा की गारंटी होती थी।

    प्रश्न 12. मेसोपोटामिया में मंदिरों (जिगुरात) के सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में महत्व को स्पष्ट करें।

    उत्तर:

    • आर्थिक केंद्र: मंदिर केवल पूजा-स्थल नहीं थे; वे अनाज के भंडारण, तेल निष्कर्षण, कताई-बुनाई और व्यापारिक लेन-देन के मुख्य केंद्र थे।
    • सामाजिक और प्रशासनिक भूमिका: मंदिरों में मुख्य आर्थिक गतिविधियों, उपज का हिसाब-किताब रखने और वितरण का कार्य होता था।
    • रोजगारदाता: मंदिर बड़े पैमाने पर कारीगरों, श्रमिकों और कृषि दासों को रोजगार प्रदान करते थे तथा समाज को संगठित रखते थे।

    प्रश्न 13. रोमन साम्राज्य की राजनीतिक व्यवस्था के 'तीन मुख्य खिलाड़ी' कौन थे? व्याख्या करें।

    उत्तर:

    रोमन साम्राज्य की राजनीतिक संरचना मुख्य रूप से तीन प्रमुख स्तंभों पर टिकी थी:

    1. सम्राट (Emperor): साम्राज्य का सर्वोच्च शासक और वास्तविक सत्ता का केंद्र।
    2. सीनेट (Senate): कुलीन और अमीर वर्ग का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था, जिसका सम्राट पर प्रभाव रहता था।
    3. सेना (Army): एक व्यावसायिक और वेतनभोगी सेना, जो साम्राज्य की सबसे शक्तिशाली और निर्णायक संस्था थी।

    प्रश्न 14. रोमन साम्राज्य की अर्थव्यवस्था के संदर्भ में 'दास श्रम' के उपयोग और उसके आर्थिक प्रभावों की समीक्षा कीजिए।

    उत्तर:

    • उत्पादन का मुख्य आधार: कृषि, खानों और हस्तशिल्प उद्योगों में दासों (Slaves) का बड़े पैमाने पर श्रम के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।
    • कठोर नियंत्रण: दासों को पूँजीगत संपत्ति माना जाता था; उन पर कठोर अनुशासन और आर्थिक शोषण किया जाता था।
    • आर्थिक प्रभाव: यद्यपि दासों के श्रम से उत्पादन लागत कम रही, लेकिन श्रम-बचत वाली नई तकनीकों के विकास में बाधा आई और बाद में दासों की आपूर्ति कम होने पर वेतनभोगी श्रम का उपयोग बढ़ा।

    प्रश्न 15. मंगोलों के लिए व्यापार क्यों इतना महत्वपूर्ण था? उनके खानाबदोश जीवन के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।

    उत्तर:

    • आवश्यक वस्तुओं की कमी: मंगोलों का जीवन स्तेपी क्षेत्र में पशुचारण और खानाबदोश शैली पर आधारित था, जहाँ कृषि संभव नहीं थी।
    • विनिमय की आवश्यकता: वे अपने पशु उत्पादों (घोड़े, चमड़ा, मांस) के बदले चीन और पड़ोसी क्षेत्रों से अनाज, लोहे के बर्तन, कृषि उत्पाद और रेशमी कपड़े प्राप्त करने के लिए व्यापार पर पूरी तरह निर्भर थे।
    • सैनिक और रणनीतिक महत्व: व्यापार मार्ग उनके आर्थिक अस्तित्व और सैन्य ताकतों की पूर्ति के लिए अत्यंत आवश्यक थे।

    खंड - ग (Section - C): स्रोत आधारित प्रश्न (Source Based Question) (अंक: 1 + 1 + 2 = 4 अंक)

    प्रश्न 16.

    16(1). चंगेज खान ने मंगोल सेना में क्या बड़ा बदलाव किया?

    चंगेज खान ने पुराने कबीलाई भेदों को समाप्त कर विभिन्न कबीलों के लोगों को मिलाकर नई संगठित सेना बनाई।

    16(2). नए सैन्य दस्ते (तुमन) कैसे तैयार किए गए?

    विभिन्न कबीलों के लोगों को मिलाकर नए सैन्य दस्ते अर्थात् तुमन बनाए गए। 

    16(3). कबीला या दस्ता बदलने पर क्या प्रतिबंध थे और उसका प्रभाव क्या पड़ा?

    बिना अनुमति किसी व्यक्ति को अपना कबीला या सैन्य दस्ता बदलने की अनुमति नहीं थी। इससे सेना में अनुशासन, निष्ठा और एकता बढ़ी तथा मंगोल सेना अधिक शक्तिशाली बनी।

    खंड - घ (Section - D): दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Question) (6 अंक)

    प्रश्न 17. मेसोपोटामिया में 'लेखन और शहरी जीवन' के पारस्परिक संबंधों का सविस्तार वर्णन कीजिए।

    उत्तर:

    मेसोपोटामिया की सभ्यता में शहरी जीवन का विकास और लेखन कला का जन्म एक-दूसरे के पूरक थे:

    1. शहरी अर्थव्यवस्था और जटिलता: शहरों में व्यापार, हस्तशिल्प, खाद्यान्न वितरण और मंदिरों के आर्थिक लेन-देन इतने जटिल हो गए कि मौखिक याद रखना असंभव था। इसके लिए लिखित रिकॉर्ड रखना अनिवार्य हो गया।
    2. लेखन कला का विकास: लगभग 3200 ई.पू. में मेसोपोटामिया में पट्टिकाओं (Clay Tablets) पर चिह्नों और संख्याओं के माध्यम से कीलाकार (Cuneiform) लिपि का विकास हुआ।
    3. प्रशासकीय और व्यापारिक आवश्यकता: सौदों का हिसाब-किताब रखने, राजा के आदेश जारी करने, भूमि हस्तांतरण तथा कानूनों को पंजीकृत करने के लिए लेखन प्रणाली का उपयोग किया गया।
    4. ज्ञान और संस्कृति का प्रसार: लेखन प्रणाली ने केवल हिसाब-किताब में ही मदद नहीं की, बल्कि इसने महाकाव्यों (जैसे- गिल्गमेश), कानून संहिताओं (जैसे- हम्मुराबी की विधि संहिता), गणितीय गणनाओं और खगोल विज्ञान को भावी पीढ़ियों तक पहुँचाने में मुख्य भूमिका निभाई।

    (अथवा / OR)

    रोमन साम्राज्य में कॉन्स्टैन्टाइन द्वारा किए गए प्रमुख प्रशासनिक, धार्मिक और आर्थिक सुधारों की विवेचना कीजिए।

    उत्तर:

    चौथी शताब्दी ईस्वी में सम्राट कॉन्स्टैन्टाइन ने रोमन साम्राज्य के पुनर्गठन के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण सुधार किए:

    1. धार्मिक सुधार:
      • उन्होंने ईसाइयत (Christianity) को संरक्षण दिया और इसे साम्राज्य का आधिकारिक/स्वीकृत धर्म बनाया।
      • 313 ई. में 'मिलान का फरमान' (Edict of Milan) जारी कर ईसाइयों पर हो रहे अत्याचारों को समाप्त किया।
    2. प्रशासनिक सुधार और नई राजधानी:
      • उन्होंने साम्राज्य के पूर्वी भाग में एक नई राजधानी कॉन्स्टैन्टिनोपल (कुस्तुंतुनिया) की स्थापना की, जो व्यापारिक और रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत सुरक्षित थी।
      • प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए असैन्य (Civil) और सैन्य (Military) शक्तियों को अलग-अलग अधिकारियों में विभाजित किया।
    3. आर्थिक और मौद्रिक सुधार:
      • सॉलिडस (Solidus): उन्होंने शुद्ध सोने का एक नया सिक्का 'सॉलिडस' चलाया, जो रोम के पतन के बाद भी सदियों तक अंतरराष्ट्रीय व्यापार का मानक बना रहा।
      • व्यापार, उद्योगों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए नए कर ढाँचे और आर्थिक निवेश को बढ़ावा दिया।

    खंड - ड़ (Section - E): मानचित्र कार्य (Map Work) (5 अंक)

    प्रश्न 17. विश्व के रेखा-मानचित्र पर दर्शाए जाने वाले स्थानों का भौगोलिक विवरण:

    1. उरुक (Uruk): दक्षिणी इराक (मेसोपोटामिया) में फरात नदी के पास स्थित प्राचीन शहर।
    2. मारी (Mari): सीरियाई सीमा के पास फरात नदी के ऊपरी भाग पर स्थित प्रसिद्ध व्यापारिक नगर।
    3. अलेक्जेंड्रिया (Alexandria): मिस्र (Egypt) के उत्तरी तट पर भूमध्य सागर के किनारे स्थित प्रमुख बंदरगाह।
    4. काराकोरम (Karakorum): मंगोलिया के मध्य भाग में स्थित मंगोल साम्राज्य की प्राचीन राजधानी।
    5. पॉम्पेई (Pompeii): इटली के दक्षिणी भाग में नेपल्स की खाड़ी के पास स्थित प्राचीन रोमन नगर।



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